साई सुदर्शन 87 रन, शतक से 13 रन दूर – भारत‑वेस्टइंडीज टेस्ट में संघर्ष

साई सुदर्शन 87 रन, शतक से 13 रन दूर – भारत‑वेस्टइंडीज टेस्ट में संघर्ष

Aswin Yoga
अक्तूबर 10, 2025

23 वर्षीय साई सुदर्शन, बट्समैन ने 10 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम (आगे अरुण जेटली स्टेडियम) में भारत‑वेस्टइंडीज टेस्ट के दूसरे मैच में 165 गेंदों पर 87 रन बनाए, जिससे वह अपने पहले टेस्ट शतक से मात्र 13 रन दूर रह गए। यह पारी उनके डेब्यू के बाद का दूसरा अवसर था, और एलबीडब्ल्यू आउट होने वाले क्षण ने पूरी स्टेडियम की सांसें थाम ली थीं।

टेस्ट श्रृंखला की पृष्ठभूमि

इस टेस्ट श्रृंखला का बिंदु बिंदु यह है कि यह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025‑27 (अगले सीज़न का हिस्सा) के अंक प्रदान करती है। हर रन, हर विकेट का असर टीम की रैंकिंग पर पड़ता है, इसलिए दोनों पक्षों के लिए दांव बहुत बड़ा है। भारत ने पहले टेस्ट (2 अक्टूबर, अहमदाबाद) में निराशाजनक प्रदर्शन किया था, जहाँ सुदर्शन की जगह पर चेतेश्वर पुजारा ने डेब्यू कैप थामा था, लेकिन उनकी पारी भी सुंदर नहीं निकली। इस वजह से मीडिया में सुदर्शन पर तीखा आलोचनात्मक दबाव बना था।

साई सुदर्शन का अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल सफर

सुदर्शन ने दिसंबर 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वन‑डे डेब्यू किया था और तब से केवल तीन ओडीआई में 127 रन (औसत 63.50, स्ट्राइक रेट 89.43) बनाकर दो अर्धशतक लगाए हैं। लेकिन उनका असली ब्रेकथ्रू आईपीएल 2025 में आया, जहाँ उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए 15 मैचों में 759 रन (औसत 54.21, स्ट्राइक रेट 156.17) बनाकर शतकों और अर्धशतकों की श्रृंखला दर्ज की। यह प्रदर्शन ही भारत की टीम के सहायक कोच ने उनके टेस्ट में लगातार मौका देने का मुख्य कारण बताया।

दूसरा टेस्ट – बारीकी से क्या हुआ?

पहली पारी में सुदर्शन ने 87 रन पर 12 चौके लगाए, जो सौ प्रतिशत आत्मविश्वास का संकेत था। 69वें ओवर के अंत में वेस्टइंडीज के उप‑कप्तान जोमेल वॉरिकन ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट किया। उस ओवर की तीसरी डिलीवरी तेज़ अंदर आई, बैट को चकमा देकर पैड पर लगी, और तुरंत रिचर्ड इलिंगवर्थ ने उंगली ऊपर कर दी। सुदर्शन ने रिव्यू लिया, पर यह बेकार साबित हुआ। इस छोटे से अंतर ने उन्हें शतके से बहुत करीब ले आया, लेकिन साथ ही टीम के अंदर उनकी जगह को लेकर सवाल भी खड़े कर दिया।

टिम और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

भारत के वर्तमान कप्तान शुभमन गिल ने कहा, “सुदर्शन ने जबरदस्त धैर्य दिखाया, लेकिन हमें अभी भी निरंतरता चाहिए।” पूर्व भारतीय विकेटकीपर‑बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने भी चिंता व्यक्त की, “पहले टेस्ट में सुदर्शन की पारी निराशाजनक थी, अब इस पारी से उम्मीदें ताज़ा हुईं, लेकिन अनियमितता एक ख़तरा बनी रहती है।”

आगे का रास्ता – क्या सुदर्शन की जगह सुरक्षित?

यदि सुदर्शन अगले टेस्ट में शतक जमाते हैं, तो उनकी जगह टीम में स्थिर हो सकती है। अन्य संभावित विकल्पों में युवा बट्समैन जैसे विराट कोहली (क्लाइंट भाग नहीं, नाम-उल्लेख), रोहित शर्मा या मोहम्मद शमी नहीं हैं, क्योंकि वे इस दौर में टीम से बाहर हैं। अब टीम प्रबंधन को तय करना पड़ेगा कि कोई नया ऑपनिंग साइड बट्समैन लाया जाए या सुदर्शन को ही मुख्य भूमिका दी जाए। इस बीच, वेस्टइंडीज अपनी खराब फॉर्म से जूझ रहा है, इसलिए भारत को अपने अंक बढ़ाने का सुनहरा मौका मिला है।

मुख्य तथ्य

  • टेस्ट डेब्यू: इंग्लैंड के खिलाफ, दिसंबर 2023 में नहीं, बल्कि 2 अक्टूबर 2025 को अहमदाबाद में।
  • दूसरे टेस्ट में इन्क्रीजिंग स्कोर: 87 रन, 12 चौके, 165 गेंदें.
  • आईपीएल 2025 में कुल रन: 759 (15 मैच), औसत 54.21, स्ट्राइक रेट 156.17.
  • वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025‑27 में इस श्रृंखला के अंक स्थिति को प्रभावित करेंगे.
  • सुदर्शन का वर्तमान टेस्ट औसत: लगभग 43 (इंसाइक्लिक)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साई सुदर्शन की इस पारी से उनकी जगह कितनी सुरक्षित हुई?

87 रन के साथ उन्होंने टीम को ठोस शुरुआत दी, लेकिन शतक तक न पहुंच पाना अभी भी एक निराशा है। अगर अगली पारी में शतक बनाते हैं, तो उनकी जगह मजबूत होगी; अन्यथा चयनक कमिटि को फिर से विकल्प देखना पड़ सकता है।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अंक इस श्रृंखला में कैसे गणना होते हैं?

प्रत्येक टेस्ट जीत पर 12 अंक, ड्ऱॉ पर 6 अंक और हार पर कोई अंक नहीं मिलता। साथ ही बैटिंग/बॉलिंग बोनस अंक भी मिलते हैं, जो दोनों टीमों के बीच रैंकिंग को प्रभावित करते हैं।

जोमेल वॉरिकन ने सुदर्शन को कैसे आउट किया?

69वें ओवर में तेज़ अंदर की डिलीवरी ने सुदर्शन के बैट को चकमा दिया, गेंद पैड पर लगी और रिव्यू के बाद भी उंगली ऊपर नहीं हुई, जिससे एलबीडब्ल्यू आउट हुआ।

क्या आईपीएल के प्रदर्शन का टेस्ट चयन पर असर पड़ता है?

हाँ, सुदर्शन की आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन (759 रन, 156.17 स्ट्राइक रेट) ने चयनकों को भरोसा दिलाया कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफल हो सकते हैं, इसलिए उन्हें बार‑बार अवसर दिया जा रहा है।

भविष्य में सुदर्शन को कौन‑से चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है?

यदि वे लगातार बड़े अंक नहीं बना पाते, तो टीम प्रबंधन नए बट्समैन को ट्राय कर सकता है। साथ ही, पिच के विभिन्न प्रकार, तेज़ गेंदबाज़ी और स्पिन कंडीशन में अनुकूलन भी उसकी बड़ी चुनौती बनेगी।

10 टिप्पणि

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    anjaly raveendran

    अक्तूबर 10, 2025 AT 21:02

    सुदर्शन के 87 रन देख कर दिल में एक अजीब सी उमंग और निराशा का मिश्रण आया। उनका शानदार प्रदर्शन फिर भी शतक से 13 रन दूर रहता है, जिससे आलोचक फिर भी उनकी क्षमता पर सवाल उठाते हैं। लेकिन इस दबाव को देखते हुए, उनका धीरज वाकई काबिले‑तारीफ़ है। वह हर गेंद पर दांव लगा कर खेलते हैं, जैसे अपनी ज़िन्दगी को उसी में समेटे हों। इस पारी में उनके 12 चौके दिखाते हैं कि उन्होंने आक्रमण की भावना नहीं खोई। चाहे एलबीडब्ल्यू आउट कर गया, पर उनका आत्मविश्वास नहीं टूटा। इस तरह की पारी युवा बट्समैन को प्रेरित करती है, खासकर उन खिलाड़ियों को जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबाव महसूस करते हैं। टीम को चाहिए कि ये ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ें। सुदर्शन की तकनीक में आज भी कुछ ख़ामियां हैं, पर उनका साथ देना जरूरी है। इस पारी से स्पष्ट है कि वह भविष्य में शतक बनाने के कगार पर हैं।
    किए गये विश्लेषण से यह निष्कर्ष निकलता है कि चयन समिति को उनकी जगह को मजबूती से देखते रहना चाहिए।

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    Danwanti Khanna

    अक्तूबर 21, 2025 AT 03:02

    वास्तव में सुदर्शन ने आज दिल जीत लिया!

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    Shruti Thar

    अक्तूबर 31, 2025 AT 08:02

    सुदर्शन की औसत को देखते हुए, उनका वर्तमान टेस्ट औसत 43 बताता है कि उन्हें निरंतरता की जरूरत है। इस पारी में उन्होंने दिखा दिया कि वे बड़े इन्स्टेंस में भी प्रदर्शन कर सकते हैं। लेकिन शतक का न मिलना अभी भी एक कमी है। आगे की टूर में यदि वे 100 बना पाते हैं, तो चयन में उनका दायरा फ़ैल जाएगा।

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    Nath FORGEAU

    नवंबर 10, 2025 AT 14:02

    जी हाँ बट्समैन फॉर्म में है, बस थोड़ा सटिक रहने दो। सुदर्शन ने इस पारी में बहुत अच्छा खेल दिखाया तो भी अगली बार शतक नहीं बना पाए।

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    Hrishikesh Kesarkar

    नवंबर 20, 2025 AT 20:02

    सुदर्शन को अभी लगातार पारी बनाने की जरूरत है, एक ही 87 नहीं चलेगा।

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    Manu Atelier

    दिसंबर 1, 2025 AT 02:02

    सुदर्शन की इस पारी को हम केवल आँकड़ों के परिप्रेक्ष्य से नहीं, बल्कि मानवीय संघर्ष के दर्पण से देख सकते हैं।
    एक युवा बट्समैन के रूप में, वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती चरण में निरंतरता की खोज में लगा है।
    प्रत्येक शॉट, प्रत्येक चौका, वह अपनी पहचान बनाता है और साथ ही टीम की आशाओं को भी संजोता है।
    जब वह 87 रन पर थकान का सामना करता है, तब भी वह अपने आत्मविश्वास को नहीं खोता।
    वास्तव में, यह दर्शाता है कि विफलता और सफलता के बीच का अंतर केवल एक छोटा सा क्षणिक अंतर हो सकता है।
    व्यक्तिगत रूप से, यह पारी उसके उत्साह और दृढ़ निश्चय को प्रतिबिंबित करती है।
    इसी प्रकार, चयन समिति को भी इस दृढ़ निश्चय को पहचानना चाहिए, क्योंकि निरंतरता ही एक खिलाड़ी को महान बनाती है।
    ऐसे खिलाड़ी जिनमें अनिवार्य रूप से जोखिम उठाने की प्रवृत्ति होती है, वे ही टीम को नई दिशा दे सकते हैं।
    यदि हम सुदर्शन की तकनीकी क्षमताओं को देखते हैं, तो उनका बैटिंग स्टाइल आधुनिक है, जिसमें फ़ुटवर्क और शॉट चयन दोनों में संतुलन है।
    वहीं, उनका एलबीडब्ल्यू आउट होना यह संकेत देता है कि उन्हें गेंद की दिशा पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
    भविष्य में यदि वह शतक बनाते हैं, तो न केवल उनकी व्यक्तिगत रिकॉर्ड में इज़ाफ़ा होगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में भी एक नया अध्याय जुड़ जाएगा।
    विरोधियों का मानना है कि वह अभी भी असंगत हैं, परन्तु एक पारी में सब कुछ नहीं कहा जा सकता।
    टेस्ट क्रिकेट का दीर्घकालिक स्वरूप उन्हें धीरज और स्थिरता सिखाएगा, जिससे वह अपने खेल को परिपूर्ण बना सकेगा।
    अंततः, इस पारी का परिणाम यह है कि सुदर्शन को अपने कार्य को निरंतरता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए, न कि एक उज्ज्वल पारी पर अटक कर रुकना चाहिए।
    इस प्रकार, भारतीय टीम को उसके संभावित योगदान को समझते हुए, उसे निरंतर अवसर देना चाहिए।

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    Anu Deep

    दिसंबर 11, 2025 AT 08:02

    आपकी बातों से पूरी तरह सहमत हूँ, सुदर्शन का खेल वास्तव में भारतीय क्रिकेट की नई पहचान है।

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    Preeti Panwar

    दिसंबर 21, 2025 AT 14:02

    सुदर्शन को आगे भी ऐसे ही चमकते देखना है 😊

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    MANOJ SINGH

    दिसंबर 31, 2025 AT 20:02

    इमोजी लगाकर मत बकवास करो, असली काम देखो और सही रिव्यू दो।

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    Vaibhav Singh

    जनवरी 11, 2026 AT 02:02

    सुदर्शन को अब निरंतर शतक बनाना होगा, वरना उनका करियर धुंधला हो सकता है।

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